पिता है तो होली में गुलाल है पिता है तो दिवाली में पटाके है
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पिता है तो घर में उजियाला है पिता है तो नये नये कपड़ों की अलमारी है।
पिता है तो बच्चों के खिलौने है पिता है तो जेब में पैसे है
पिता है तो नौकरी की चिंता कम है पिता है तो घर में मुस्कुराता आँगन है।
असल में पिता हर घर की खिड़की में आया पूनम का चाँद है, पिता के बिना जीवन में केवल अमावस्या ही है।